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बधाई

गाओ गाओ बधाई, सब मिलकर गाओ 
पार्श्वनाथ की बधाई, सब मिलकर गाओ 
शिरणाई सिर नौपद बाजे 
घनन घनन घन बाजे -2

प्रभु तुम दर्शन जो पाऊँ

प्रभु तुम दर्शन जो पाऊँ 
प्रभु तुम दर्शन जो पाऊँ, जिणंद नयनो में समा जाऊँ 
रांखुं अपने हृदय कमल में, पलक विसराऊँ 
जो प्रभु मेरे तुम बनो चंदन, में पानी बन जाऊँ 2

 

दादा गुरु दरबार में
दादा गुरु दरबार में

आये है आये हैं आज हम आये 
दादा गुरु दरबार में हो ऽऽऽ          
आये हैं...
सच्ची हैं ये प्रीत मेरी कच्ची नही

दादा का दरबार
दादा का दरबार

दादा का दरबार 
कुशल कुशल दातार हैं, भक्तों का आधार हैं 
कोई निराश न जाये एैसा, दादा का दरबार हैं  ॥1॥ 
कुशल सूरि गुरुदेव आपकी, कीर्ति नग विख्यात हैं

जिसने इन्हे ध्याया पाया है

दर पे कोई आके, पुकारे दादा नाम 
उसके सारे बन जाते है बिगड़े काम 
नाम रटो दादा का, नही लागे दाम 
जिसने इन्हे ध्याया पाया है विसराम

तुम सदा नामि नन्दन का भजत रहो

तुम सदा नाभि नन्दन को भजते रहो 
क्योंकि मुक्ति का मारग मिलेगा नही 
तुम सदा भक्ति सरगम के माते रहो 
क्योंकि आतम को आनन्द मिलेगा नही. . .तुम 

दर्शन दे देना हो पारस

दर्शन दे देना, 
आंखे बन्द करू या खोलू
पारस दर्शन दे देना ॥ 
मैं नाचित हूं बन्दा तेरा, 

अरज सुन लेना मोरी

श्री पार्श्व नाथ भगवान 
अरज सुनले ना मोरी 
हो अरज सुन लेना मोरी, 
मेरे पूरे करो अरमान

मारा शामला छो नाथ प्यारा

मारा शामला छो नाथ प्यारा पार्श्वजी हो लाल 
विनंती करूं कर जोड़ीने 
नाग अग्निमांहेथी उगार्यों फूंको मंत्र धरणेन्द्र बनाव्यो 
तेमतारी लेजे नाथ प्रभु हुं छु अनाथ।...विनंती  

जय पार्श्व  हरे

जय पार्श्व  हरे 
जय पार्श्व हरे, जय पार्श्व  हरे  दुखियों दुख के दूर करे 
जय जय जय पार्श्व हरे। 
जब चारों तरफ अंधियारा हो, आशा का दूर किनारा हो