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Library > गिरनार स्तवन
घनिष्ट प्रेमी थाशुं अमे अरिष्ट-नेमिना

नेमि प्रेमी ... ओ मारा अरिष्ट नेमि
अमे नेमि प्रेमी ... ओ मारा अरिष्ट नेमि (2)
पंचम श्यामल श्रमण पदे हुं नेमना रंगे रंगाऊं छुं
प्रभु नेम मारो ज छे हुं नेमनो थवा जाऊं छुं ...

राजुल खोवाई नेम ध्यान मा

नेमजी नी भक्ति ने गुणगान मा,
राजुल खोवाई नेम ध्यान मा ...
एणे मांडी छे आतम नी साधना,
एवी राजुल खोवाई नेम ध्यान मा ...


शिवानंद प्रभु शामला (मन् मोहना)

मन् मोहना, गिरि सोहना,
शिवानंद प्रभु शामला (2)
बविस्व ... तू जिनवर,
शिवानंद प्रभु शामला

नेमि निरंजन नाथ हमरो

नेमि निरंजन नाथ हमारो, अंजन वर्ण शरीर
पण अज्ञान तिमिरने टाछे, जीत्यो मनमथ वीर
प्रणमो प्रेम धरीने पाय, पामो परमानंदा
यदु कुळ चंदा राय मात शिवादे नंदा

नेम राजुल ने मोक्ष मड़यो

 एतो राजुल नाथ, एतो जगनो रे नाथ
राजुल राणी ना केवा साचा भरतार,
एतो राजुल नाथ, एतो जगनो रे नाथ
एतो सौना रे दिलडा नो साचो नेमनाथ,

जय हो गिरनार

गिरनारागरी तारण तरण जहाज,
नेमनाथ दादो मारो गिरी शिरताज,
तारा गूण गाता गिरी थाय बेडो पर,
हाथ मारो झाली हवे भव पर उतार,

आनंद रंग भगवंत संग

आनंद रंग .. भगवंत संग .. अनहद उमंग उपजायो,
अम अंग अंग .. सागर तरंग .. उछरंग सुमंगल पायो,
गुणगान प्रभुना .. सूरतालमां ... अद्भूत अनुपम छायो,
नेमिनाथ मंदिरे ... मनोहर ... नेमिनाथ मंदिरे !!.... 1

नेमजी आवोने संयम आपोने

संसारना सह वैभव छोडी, राख्या कुल ना नाम,
बेनी छोड चली संसार ...
जान भी है पहचान भी है, वो चली गुरूजी के पास,
बेनी छोड चली संसार ...

ऊंचा ऊंचा रे गढ गिरनार
नेमि रे ... नीम रे ...
गढ गिरनार सोहाया ...
ऊंचा ऊंचा रे गढ गिरनार
नेमनी पताकाओ लहेराई,
नेमजी कागल मोकले (तमे चालो हमारी साथ)

नेमजी कागल मोकले
निशदिन राजुल हाथे (2)
हवे अमे सैयम लैशु
तमे चलो हमारी साथ (2)