Personal menu
Search
You have no items in your shopping cart.

जिसने इन्हे ध्याया पाया है

 (तर्ज- श्याम तेरी बन्सी)

दर पे कोई आके, पुकारे दादा नाम 
उसके सारे बन जाते है बिगड़े काम 
नाम रटो दादा का, नही लागे दाम 
जिसने इन्हे ध्याया पाया है विसराम      !!टेर !!

हो छोड़ सारी दुविधाये मन को मनाले 
चित्तवृती गुरुवर के चरणे लगाले 
दुख मिट सारे भला हो अंजाम 2
जिसने इन्हें ध्याया... 

हो मोह माया केवल शीशे का खिलौना 
टूट जाये शीशा तो हाथ लगे रोना 2 
ऐसी मोहमाया से करो राम राम
जिसने इन्हे ध्याया 

हो हृदय से पीले तु आंखों से पीले 
दत्त नाम प्याला तू पीकर जीले 
विश्व प्यारा हो जायेगा फिर तमाम 
जिसने इन्हे ध्याया ..

Leave your comment
*