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Library > नाकोड़ा जी स्तवन
नाकोड़ा भैरु दादा प्यारा तेरा नाम है

नाकोड़ा भैरु दादा, प्यारा तेरा नाम है
दर ये तुम्हारा, हारो का सहारा, हम सब की मुस्कान है
नाकोड़ा भैरु दादा, भक्तो की तू जान है
हे डमरु वाले, हे मुछों वाले, तेरी गजब शान है

रुमक झूमक मारा भेरुजी पधारो

रूमक झूमक मारा भैरुजी पधारो,
रूमक झूमक मारा भैरुजी पधारो,
टाबरिया थारी वाट जोवे, टाबरिया थारी वाट जोवे।।
नाकोड़ा रा भैरू बावा वेगा रे पधारो,

नाकोड़ा भैरु दादा प्यारा तेरा नाम है

 नाकोड़ा भैरु दादा, प्यारा तेरा नाम है
दर ये तुम्हारा, हारो का सहारा, हम सब की मुस्कान है
नाकोड़ा भैरु दादा, भक्तो की तू जान है
हे डमरु वाले, हे मुछों वाले, तेरी गजब शान है

बड़ी दूर से चलकर आया हूँ

बड़ी दूर से चलकर आया हूँ
मेरे दादा तेरे दर्शन के लिए
एक फूल गुलाब का लाया हूँ
चरणों में तेरे रखने के लिए

सुन लो अर्जी मेरी भैरू बाबा
सुन लो अर्जी मेरी भैरू बाबा

तेरे दरबार वो ही फरियाद आती हैं,
जिसकी तु चाहे दादा, पुरी हो जाती है
तेरे दर पे सर झुकाएं मैं भी तो आया हूं,
जिसकी भी बिगड़ी हैं उसकी बन जाती हैं ॥

मैं नाकोड़ाजी जाऊंगा
मैं नाकोड़ाजी जाऊंगा

मैं नाकोड़ाजी जाऊंगा,
मैं भैरूजी को अपने दिल में बसाऊंगा,
मैं ढोल-मंजीरा लेके, गीत गुण गाऊंगा,
मैं झुमुंगा, मैं भक्ति की धूम मचाऊंगा

नाकोड़ा के भैरव नाथ
नाकोड़ा के भैरव नाथ

नाकोड़ा के भैरव नाथ
रहते भक्तो के साथ
जिसने प्रेम से लिया   भैरव नाम रे
उसके बन जाये  हर काम रे

नाकोड़ा दरबार मे
नाकोड़ा दरबार मे

काम कोई भी कर नहीं पाया, घूम लिया संसार में,
आखिर मेरा काम हुवा हैं नाकोड़ा दरबार मे,
दादा, मेरे दादा, मेरे दादा, दादा,
तेरा और मेरा, जन्मो का हैं नाता ।।

श्री नाकोड़ा भैरव अमृतवाणी
श्री नाकोड़ा भैरव अमृतवाणी

शंखेश्वर को नमन करूं, पुजू गोड़ीजी पाय,
नाकोड़ा के दर्शन से, दुःख सकल मिट जाए ।
नाकोड़ा भैरव प्रभु, सुमंधा थारो नाम,
जीवन सफल बनावे जो, सिद्ध सकल हैं धाम ।

मैं धाम नाकोंडा आया
मैं धाम नाकोंडा आया

मेवानगर में पार्श्व प्रभु का द्वारा है,
ऐसा लगता जमी पे स्वर्ग उतारा है,
चारो ओर ही गूंज रहे जयकारे,
आओ प्रभु से मिले...