ऋषभ अजित संभव अभिनंदन, सुमति पद्म सुपार्श्व की जय।महाराज की श्रीजिनराज की, दीनदयाल की आरती की जय।चंद्र पुष्प शीतल श्रेयांस, वासुपूज्य महाराज की जय।महाराज की श्री जिनराज की, दीनदयाल की आरती की जय।
पहीली माझी आरती कैलास गिरीलापहीली माझी आरती कैलास गिरीला।आदिनाथ भगवंताला करूया आरती।दूसरी माझी आरती सम्मेद गिरीला।