पालीताना जैन तीर्थ पर लिखा यह ब्लॉग शत्रुंजय पर्वत की भव्यता और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है। इसमें ३,७५० सीढ़ियों की यात्रा, ९०० से अधिक मंदिरों का इतिहास और नौ प्रमुख टूंकों का वर्णन है।
अहिंसा का जैन दर्शन आचारांग सूत्र पर आधारित है और इसे जैन धर्म की नैतिक नींव बताया गया है। इसमें त्रिविध अहिंसा (मन, वचन, काया) और नौ प्रकार की हिंसा का विस्तार से वर्णन है।