उवसग्गहरं स्तोत्र जैन धर्म का अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्तवन माना जाता है। यह स्तोत्र उपसर्गों, संकटों और बाधाओं को दूर करने की साधना है। श्रद्धालु इसे आस्था और भक्ति के साथ गाते हैं, जिससे आत्मबल और शांति प्राप्त होती है। उवसग्गहरं स्तोत्र जीवन में सुरक्षा, साहस और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है।
सम्मेद शिखरजी जैन धर्म का सर्वोच्च तीर्थ है, जहाँ अनगिनत तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। झारखंड के गिरिडीह ज़िले में स्थित यह पर्वत श्रद्धालुओं के लिए परम पवित्र स्थल है। यहाँ की शांत वायुमंडलीय आभा आत्मिक साधना और गहन ध्यान के लिए प्रेरित करती है। जैन आस्था में इसे मोक्षभूमि कहा जाता है, जो अनंत भक्...