अब हम जाते हैं घर, झुकाकर सर
ओ दादा प्यारा, आशिष का करों इशारा ॥
दिल तो जाने को नहीं करता, पर गये बिना भी नहीं चलता,
अब करूं तो कौन उपाय नहीं कोई चारा, आशिष का करो इशारा
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इतनी शक्ति हमें देना गुरुवर,
मन का विश्वास कमजोर हो ना,
हम चले नेक रस्ते पे हमसे,
भुलकर भी कोई भूल हो ना।
है ये पावन भूमि, यहाँ बार-बार आना,
गुरुदेव के चरणों में, आकर के झुक जाना,
है ये पावन भूमि …
तेरे मस्तक मुकुट है, तेरी अंगिया सुहानी है
पाना नही जीवन को बदलना है साधना,
धुएं सा जीवन मौत है २ऽऽऽ, जलना है साधना,
पाना नही जीवन को…
मुंड मुंडाना बहुत सरल है, मन मुंडन आसान नहीं
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा।
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं, बाद आंसु बहाने से क्या फायदा॥
मैं मंदिर गया, पूजा आरती की,
पूजा करते हुए, ये ख्याल आ गया
सुबह और शाम की प्रभु जी के नाम की।
फेरो एक माला, हो हो फेरो एक माला ॥
सकल सार नवकार मंत्र यह परमेष्ठि की माला,
नरकादि दुर्गति का सचमुच जड़ देती है ताला
सुख शांति की पुरवईया चले।
घर-घर में मंगल दीप जले॥
शुभ भावनायें ये फूले फले।
घर-घर में मंगल दीप जले॥
उड़जा, उड़जा, उड़जा रे हँसा,
खबर तो ला म्हारा महावीर की,
नील गगन का वासी रे हँसा
खबर तो ला म्हारा महावीर की
वीर प्रभु माना, अति बलवाना,
वीर वीर रटियो रे, वीर मन बसियो रे
वीर प्रभु माना....
जो कोई गावे, अर्जी लगावे
महावीर तेरा मुझको २ दीदार हो जाये,
उजड़ा चमन फिर से गुलजार हो जाये,
महावीर तेरा मुझको.....
कैसे चलेगी वीरा, तुफान में नैया