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नवकार गीत

महामंत्र हैं कैसा सुहाना 
अब गीत इसी के गाना 
मंत्र महासुखकारी है 
शुद्ध मन से ध्यान लगाना 

नवकार गीत

महामंत्र हैं कैसा सुहाना 
अब गीत इसी के गाना 
मंत्र महासुखकारी है 
शुद्ध मन से ध्यान लगाना 

त्रिशला नंदन जय, जय भंजन जय स्तवन

त्रिशला नंदन जय जय भंजन 
दरश देना 2 
तेरे द्वार खड़ी प्रभु विनंती सुन लेना 
दर दर भटके जन्म जन्म से महावीरा 

प्रभु की भक्ति में

कर ले भजन दिन रात, प्रभु की भक्ति में 
प्रभु की शक्ति में गुरु की भक्ति में      
सोना चांदी सारे महल रह जायेंगें, हाथी घोड़े 
मोटर बगीचे रह जायेंगे 

पावन गुरु का दरबार है

पावन गुरु का दरबार है,
दादा बड़े ही दिलदार हैं 
हो... 
सच्चा गुरु से जिन्हें प्यार हैं, 

पावन गुरु का दरबार है

पावन गुरु का दरबार है,
दादा बड़े ही दिलदार हैं 
हो... 
सच्चा गुरु से जिन्हें प्यार हैं, 

नवकार गान

हो    मिमले मंत्र महान 
मंत्र गिनने से तेरा जल्दी हो जाये कल्याण
नवकार गान ....... 
गिन जरा गिन, की माला गिन जरा गिन 2 

वंदन हो हमारा

तेरा नाम है कितना प्यारा .....  अर्पण हैं ये जीवन सारा 
कुशल गुरु के चरण मे, वन्दन हो हमारा .. 
मैंने मैंने मैने तनमन तुम पर वारा, लेकर के अब शरण तुम्हारा 
कुशल गुरु के चरण मे, वन्दन हो हमारा 

संकट दूर करो

भगवान के चरणों मे 
आये हैं हम आज 
संकट दूर करो गुरु अब तो 
राखो हमारी लाज ॥धृ॥     

जुग जुग तोसे नाता

आनंद दाता जीनवर, निहारो मोरी ओर 
जूग जूग तोसे माता, ज्यो चन्दा और चकोर 
मूरती सुहानी तोरी अमरती आंखें 
किरती तिहारी उड़े, जदपि न पाखे