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सुन्दर मंदिर पार्श्वानों

सुन्दर मंदिर पार्श्वन म्हाने व्हालो लागे रे, 
व्हालो लागे,व्हालो लागे व्हालो लागेरे... 
मूल गंभारे पार्श्वनो रे, सुंदर मूरत श्याम 
ऊपर चोर्मुखजीविराजे, प्रति वर्ष को ठाठरे

ऐ मानव उसी राह चल

ऐ मानव उसी राह चल, जो कि जाती है मुक्ति महल 
तूं दया- दान कर और प्रभु ध्यान धर, 
ताकि हो जाए जीवन सफल 
यह स्वार्थ का संसार हैं, सबको दौलत से ही प्यार है 

आ लौट के आजा मेरे वीर

आ....... आ लौट के आजा मेरे वीर, हमें उपदेश सुना दे रे 
मेरी नैया पड़ी रे मझदार 2, उसे भवपार लगा दे रे 
आ लौट के आजा मेरे वीर 
बरसे गगन में बरसे नयन देखो तरसे है मन अब तो आजा 

वीर भगवान तुझे शरण

वीर भगवान तुझे शरण लोग करते हैं नमन 
बिन की कार में हम गा रहे भक्ति सुमन 
वीर भगवान  तुझे शरण लोग करते हैं नमन 
साज की आवाज पर हम गारहे श्रद्धा सुमन 

जिन पार्श्वनाथ के सुमिरन से

जिन पार्श्वनाथ के सुमिरन से मिटता भव भव फेरा  
है वंदन उनको मेरा 
जहां धर्म ध्यान और विश्व शांति का निश दिन रहता डेरा  
है वंदन उनको मेरा 

मोरा पार्श्व प्रभु नल प्यार

मोरा पार्श्व प्रभु नल प्यार हो गया, 
भइयों सच्ची मुच्ची, हो भइयों सच्ची मुच्ची 
मोरा पार्श्व प्रभु 
अहो वामा देवी का प्यारा हो प्यारा 

जो पारस को याद करे...

जो पारस को याद करें, वो लोग निराले होते हैं. 
जो पारस का नाम पुकारे वो किस्मत बाले होते है 
चलो बुलावा आया है पारस ने बुलाया हैं २ 
ओ  पार्श्व प्रभुवर के चरणों में भक्ति करने आया है 

पार्श्व प्रभू से अरज्

हे केशरिया पार्श्वप्रभु एक अरज सुनले ना  
मुझमें जितने अवगुण है 2 बल्दी दूर कर देना 
जगभग 2 ज्योति बरसे झलके अमीरस धारा है 
रुप अनोपम नीरखी बिक से अंतरभाव हमारा है 

 

प्रभू दर्शन की प्यास

प्रभु दर्शन की आज प्यास हैं। 
ढूंढू में तेरा कहां वास है 
मौसम भी आ पहुंचा पुण्याई का 
अब हमको डर कैसा है पापों का 

 

दर्शन की लालसा

दर्शन दो दर्शन दो, इस आ तुम्हारे दर्शन को 
बरसन दो बरसन दो, गुरूवाणी का अमृत बरसन दो 
चरणों में आये भर पार कर दो 2
जग से हमारा उद्धार कर दो 2