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नवकार जपने से

नवकार जपने से...

नवकार जपने से सारे सुख मिलते है,
जीवन में तन-मन के सारे दुःख मिटते है, 
जाप जपो जपते रहो, बंधन कटते है,
मन उपवन में खुशियों के फूल खिलते है ॥१॥
नवकार जपने से....... 

अड़सठ अक्षर है इसके, हां इसके,
जो ध्याता है दुःख टल जाते उसके,
परमेष्ठी पांचहै पावन, हां पावन,
नवपद जी भी पवित्रहै मन भावन ॥२॥
जाप जपो जपते रहो….

पापों से बचकर रहना, हां रहना,
दुःख आए तो हंसते हंसते सहना,
नवकार करेगा रक्षा, हां रक्षा,
ये अरिहन्त है प्रसन्नता का नक्शा ॥३॥
जाप जपो जपते रहो......

जब कोई हमसे रूठे,हां रूठे,
दिल टूटे और रिश्ता कोई टूटे,
मन मे न उदासी लाना, नहीं लाना,
परमेष्ठी से दिल का नाता लगाना ॥४॥
जाप जपो जपते रहो....

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