एक जनम्यो राज दुलारो
दुनिया नो तरन हारो
वर्धमान नु नाम भारी
ने प्रगत्पो तेज सितारों र।।
Library > प्रभु भक्ति
23 September, 2026
22 September, 2026
शांतिनाथ के चरणों में आ कर के जुक जाना ..
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना (२)
शांतिनाथ के चरणों में आ कर के जुक जाना
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना
22 September, 2026
ओ रे ओ महावीर, तुझने जोता ए समझाय छे.
अंतर से सुंदर थवाणु छे ...
बालर नू सौंदर्य निरखी, भावो भव रखड्या करूं,
हवे, अंतर थी सुंदर थवाणु छे ...
22 September, 2026
रूडा रंगीला सपना,
देखे प्रभुवर मात,
आयी ऐसी अनुपम रात,
खुशी की है बात हो ओ ओ.
22 September, 2026
अंतरना अंतरिक्षमां मने मळजे,
भीतरना दरियामां थी मने मळजे,
आंखोमां पूर छे, हैयुं मजबूर छे,
भक्तिनो ए ज सूर छे ... अंतरना ...
22 September, 2026
एक जनम्यो राज दुलारो
दुनिया नो तरन हारो
वर्धमान नु नाम धारी
ने प्रगत्यो तेज सितारों र।।
04 February, 2026
आंख सुबह को जब मैं खोलूं
सबसे पहले तू दिख जाए
तुझसे पहले चांद को देखूं
ऐसी कोई शाम ना आए सुनवीर
05 January, 2026
हे अविनाशी ! नाथ निरंजन ! साहिब मारो साहिब साचो; हे शिववासी! तत्त्वप्रकाशी! साहिब मारो साहिब साचो ।
12 November, 2025
रात है आई तारे मुस्काए
मां की गोदी में सपने आए
धर्म की लोरी कानों में बहे
प्रभु की कहानी दिल में कहे
28 June, 2025
कल्लाणकंदं पढमं जिणिंदं
संतिं तओ नेमिजिणं मुणिदं,
पासं पायसं सुगुणिक्कठाणं,
भत्तीइ वंदे सिरि-वद्धमाणं ... १

