हे पूरण गाम संभवनाथ विराजे ...
हे मारा पुण्प नगरे पूरण रे संभव नाथ छाणे ...
हे प्यारी प्यारी मूरत एनी कामित पूरण राजे रे,
तनमनधनी भक्ति करवा चालो पाईए रे आजे,
Library > प्रभु भक्ति
28 June, 2025
28 June, 2025
जब से थामा है तूने मेरे हाथ को,
में भूल गया सारी क़ायनात को .. (२)
के तेरे बिना कोई भी नहीं मेरा .. (२)
अब तेरे बिना कोई भी नहीं मेरा ..
28 June, 2025
छोटीसी उमरमां मारी दीक्षा कराई दी,
गुरुदेव ना हाथे मने ओघो अपाई दी,
दीक्षा कराई दी ने साधु संत बनाई दी,
गुरुदेव ना हाथे मने ओघो अपाई दी ... [१]
28 June, 2025
राजुलनी राह ने छोड़ी
मुक्तिना मांडवे दोड़ी
राजुलनी राह ने छोड़ी,
मुक्तिना मांडवे दोड़ी
28 June, 2025
उवसग्गहरं पासं, पासं वंदामि कम्म-घण मुक्कं ।
विसहर विस णिण्णासं, मंगल कल्लाण आवासं ।।१।।
विसहर फुलिंगमंतं, कंठे धारेदि जो सया मणुवो ।
तस्स गह रोग मारी, दुट्ठ जरा जंति उवसामं ।।२।।
28 June, 2025
तारा मिलननी लगन, मने पागल बनावे छे;
प्रभुजी तमारो प्रेम, मने कागळ लखावे छे ...
प्रभुजी तमारो प्रेम, मने घायल बनावे छे ...
लखुं छुं प्रेम कागळिया, ओ मारा व्हालम वीतरागी !;
28 June, 2025
थशे साचूं, हवे श्यामनु,
हर्ष पायो, आत्मा रे ...
सहू थी पल, थवा चाहूं,
मन चाहे छे, मुक्ति नी धारा रे ...
28 June, 2025
नवी दुनियामां मारो नवो जनम,
हवे बनशुं मुनिवरं
गुरूमैया आपो मुनिधरम,
हवे बनशुं मुनिवरं
28 June, 2025
संयमी बनकर सिद्धिपथ पर मुझको अब चलना है,
पावन पंछी बनकर प्रभु के हृदयाकाश में विहरना है।
संयमी बनकर सिद्धिपथ पर मुझको अब चलना है,
पावन पंछी बनकर प्रभु के हृदयाकाश में विहरना है।
28 June, 2025
तुझ शौर्यता पर जाऊं वारी
कर्म जंगें जीत थई तारी
धीमा धीमा पण मक्कम डगने
कदमों भरजे प्रभु ना पगले

