पर्वाधिराज पर्युषण यह देखो,
लौट के फिर से है आया
समता दया और मैत्री भाव का,
संग मिस्टर है संदेश लाया (2)
Library > प्रभु भक्ति
30 September, 2026
30 September, 2026
बाजे शहनाई ने साज, प्रभु रो जन्म हुओ
गाजे धरती आसमान, प्रभु रो जन्म हुओ
तन ने रंगाले आज मन ने रंगाले सब खुशियाँ मनाओ आज
प्रभु रो जन्म हुओ
प्रभु रो जन्म हुओ
29 September, 2026
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार।
सुख में प्रभुवर तेरी याद ना आयी,
दुःख में प्रभुवर तुमसे प्रीत लगाई।
सारा दोष हैं मेरा, मैं करता हूं स्वीकार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार।
मेरा तो क्या हैं, मैं तो पहले से हारा,
तुमसे ही पूछेगा ये संसार सारा।
डूब क्यों नैय...
29 September, 2026
दादा ने संभाला था (२)
कभी तो ये दादा
माझी बन्न जाते है
कभी तो ये दादा साथी बन्न जाते है
29 September, 2026
मेरी विनती सुनलो दादा, क्यूँ नहीं सुनते पारस दादा
सुनलो, सुनलो जग के नाथ
नाकोड़ा के पारसनाथ, मेरी विनती स्वीकार करो
है दादा हमें भव से पार करो
29 September, 2026
तूंने खूब दिया, सब भक्तों को (2)
अब आज हमारी बारी है। (2)
थोडा - थोडा देने से काम ना चल
मुझको तो आज जी भर के मिले (2)
29 September, 2026
ओ दादा म्हारी है अरदास
राखो म्हने चरण रे पास
आपो दोनो रा तो काम निकल जासी
आपो दोनो रा तो काम निकल जासी
28 September, 2026
संसार-दावा-नल-दाह-नीरं,
संमोह-धूली-हरणे समीरं.
माया-रसा-दारण-सार-सीरं,
नमामि वीरं गिरि-सार-धीरं ... 1
28 September, 2026
मारा आलीजा भरथार,
मारा हैया केरा हार
मोरी प्रितलडीने मत्त छटकाईजो,
हो जम्बुजी हिलमिल संग चलाई जो .....
हो जम्बुजी हिलमिल संग चलाई जो .....
28 September, 2026
वीर प्रभुजी पधारो राज, वीर प्रभुजी पधारो;
विनंती मुझ अवधरो राज, वीर प्रभु - ए आंकिनी
विनंती मुझ अवधरो राज, वीर प्रभु - ए आंकिनी

