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Library > प्रभु भक्ति
आया पर्युषण पर्व महान (जग हर्षाया है)

पर्वाधिराज पर्युषण यह देखो,
लौट के फिर से है आया
समता दया और मैत्री भाव का,
संग मिस्टर है संदेश लाया (2)

प्रभु रो जन्म हुओ
बाजे शहनाई ने साज, प्रभु रो जन्म हुओ
गाजे धरती आसमान, प्रभु रो जन्म हुओ
तन ने रंगाले आज मन ने रंगाले सब खुशियाँ मनाओ आज
प्रभु रो जन्म हुओ
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार।

सुख में प्रभुवर तेरी याद ना आयी,
दुःख में प्रभुवर तुमसे प्रीत लगाई।
सारा दोष हैं मेरा, मैं करता हूं स्वीकार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार।

मेरा तो क्या हैं, मैं तो पहले से हारा,
तुमसे ही पूछेगा ये संसार सारा।
डूब क्यों नैय...

ऊँगली पकड़ मेरी रस्ता दिखाते है

दादा ने संभाला था (२)
कभी तो ये दादा
माझी बन्न जाते है
कभी तो ये दादा साथी बन्न जाते है

मेरी विनती सुनलो दादा

मेरी विनती सुनलो दादा, क्यूँ नहीं सुनते पारस दादा
सुनलो, सुनलो जग के नाथ
नाकोड़ा के पारसनाथ, मेरी विनती स्वीकार करो
है दादा हमें भव से पार करो

तूंने खूब दिया सब भक्तों को

तूंने खूब दिया, सब भक्तों को (2)
अब आज हमारी बारी है। (2)
थोडा - थोडा देने से काम ना चल
मुझको तो आज जी भर के मिले (2)

दादा म्हारी है अरदास

ओ दादा म्हारी है अरदास
राखो म्हने चरण रे पास
आपो दोनो रा तो काम निकल जासी
आपो दोनो रा तो काम निकल जासी

संसार दावा (झंकारा)

संसार-दावा-नल-दाह-नीरं,
संमोह-धूली-हरणे समीरं.
माया-रसा-दारण-सार-सीरं,
नमामि वीरं गिरि-सार-धीरं ... 1
जंबूकुमारनी सज्जाय
मारा आलीजा भरथार,
मारा हैया केरा हार
मोरी प्रितलडीने मत्त छटकाईजो,
हो जम्बुजी हिलमिल संग चलाई जो .....
चंदनबाला सज्जाय
वीर प्रभुजी पधारो राज, वीर प्रभुजी पधारो;
विनंती मुझ अवधरो राज, वीर प्रभु - ए आंकिनी