रूडा रंगीला सपना,
देखे प्रभुवर मात,
आयी ऐसी अनुपम रात,
खुशी की है बात हो ओ ओ.
जन्मेंगे परम दयालु जग के तारणहार
यह तो तीन लोक के नाथ
खुशी की लै बात हो ओ ओ.


पहले सपने में देखा गजवर निराला,
मोह तीमिर हटावे ऋषभ सुहामना,
सिंह अनुपम देखा तीसरे सपने में ।।
चौथे लक्ष्मी जी वरदात
खुशी की है बात हो।।


फूलो की माला और चन्द्र विशाला.
आठवें सपने मे ध्वजा लहराए-
होगा आतम का कल्याण हो
खुश्ी की है बात हो।


मंगल कलश और पदम् सरोवर,
ग्यारतवा जड़ा रत्नों से प्यारा रत्नाकर
देवविमान और जगमगते ये रत्न
चोदमे अग्नि की सौगात हो
खुशी की है बात हो।


 Source: Sweta Gandhi