मेरी विनती सुनलो दादा, क्यूँ नहीं सुनते पारस दादा
सुनलो, सुनलो जग के नाथ
नाकोड़ा के पारसनाथ, मेरी विनती स्वीकार करो
है दादा हमें भव से पार करो
Library > प्रभु भक्ति
28 June, 2025
28 June, 2025
अबके पर्युषन में, गुस्सा थोडा शान्त रखना,
आपने मन में भी जारा तु अकान्त रखना,
बुरी बातो से खुद्को सम्हल रखना,
तप साधना मे खुदका खयाल रखना,
28 June, 2025
सीमंधर स्वामी के पास हमें जाना हैं,
संयम लेके, केवल पाके, मोक्ष हमको जाना हैं,
सीमंधर स्वामी के पास हमें जाना हैं॥
चौरासी लाख जीवयोनी में, अनंतकाल से भटकुं,
28 June, 2025
अब तक किए जो पाप वो, धोने का वक्त आया
भक्ति, तप और साधना करने का वक्त आया
आया पर्युषण आया
जैनो का त्यौहार आया
28 June, 2025
हो .. आया रे ..
पर्व आया पर्युषण,
के जैनियों का पर्व सुहाना,
महिमा बड़ी है महान,
28 June, 2025
लो आया झूमके गाके प्यारा ये सावन
ये जैन जगत का पर्व है कितना मनभावन
आया अवसर ये कितना पावन है
कितनी मधुर ये भक्ति सरगम है
28 June, 2025
शिष्य ने, याद रखो सदा,
शिष्य ने ना तमे भूलजो
कहो ने, हूँ सथेज़ छु,
अमने कदी ना भूलजो
28 June, 2025
जय जय वरो, जय जय वरो ...
संयमपंथे हवे, जय जय वरो ...
शुभमंगल घडीओ आवी तारे द्वारे,
दुनियाना बंधन तोडीने तुं चाल,
28 June, 2025
संसारी रागना तोडीने बंधन,
विरतीना राही वैरागीने वंदन,
वैरागी वैरागी वैरागीने वंदन,
वैरागी अहोभागी वैरागीने वंदन,
28 June, 2025
दोष थी हर्यो भर्यो छुं छतां,
दादा तुजने मळवानी घणी आश छे,
हुं तने नीरखी शकुं ना तने भले दादा,
तुं परंतु मारी आसपास छे

