या भव-कानन में चतुरानन, पाप-पनानन घेरि हमेरी।
आतम-जानन मानन ठानन, बान न होन द इ सठ मेरी।।
तामद भानन आपहि हो, यह छान न आन न आनन टेरी।
आन गही शरनागत को, अब श्रीपतजी पत राखहु मेरी।।
Library > पार्श्व भक्ति
22 October, 2026
08 October, 2026
छूटे भले प्राणों पण दादा आ छूटे नहीं, हले भले दुनिया सारी,
मनने बंधाणी ने तन्ने गुंठाणी, दादा केरी प्रीती,
वाहला अंतरिक्ष दादा, बोलो बे घड़ी ...
वाहला अंतरिक्ष दादा, बोलो बे घड़ी ...
07 October, 2026
पारस रे तेरी कठिन डगरिया
किस विधि मैं तोहे पाऊँ रे साँवरिया
कठिन तेरा जिन रूप में आना
कठिन तेरे शुभ दर्शन पाना
30 September, 2026
सोंपी तारा चरणमां, सर्वस्व मारं, हवे आरामी क्षणो,
रहुं तारा शरणमां, बाव्ठ बनी हुं, खरी आनंदी क्षणो ...
25 September, 2026
ऋषभजी बोलावे छे, एना सपना आवे छे
जे एना थई जावे छे, एना ए थई जावे छे.
ऋषभजी बोलावे छे ...
27 June, 2025
अंतरना अंतरिक्षमां मने मळजे,
भीतरना दरियामां थी मने मळजे,
आंखोमां पूर छे, हैयुं मजबूर छे,
भक्तिनो ए ज सूर छे ... (2)
26 June, 2025
मेरे मन में पारसनाथ, तेरे मन में पारसनाथ,
रोम रोम में समाया पारसनाथ रोम रोम में समाया
पारसनाथ रे, मेरी साँसों में समाया पारसनाथ रे,
मेरे मन मे पारसनाथ ।।
26 June, 2025
हे शंखेश्वर स्वामी, प्रभु जग अंतरयामि।
तमने वंदन करीये, शिवसुखना स्वामी ॥हे शंखेश्वर ... ।
मारो निश्चय एक छे स्वामी, बनू तमारो दास-2।
तारा नामे चाले-2, मारो श्वासोश्वास ॥हे शंखेश्वर ... II1॥
26 June, 2025
केवा प्यारा लागे मारा पार्श्वनाथ दादा
लागे जाणे राजा जेवा पार्श्वनाथ दादा
हो दादा मारा दादा हो दादा मारा दादा
हो जाणे राजा जेवा हो मारा दादा (२ बार)

