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Library > पार्श्व भक्ति
पार्श्व मीठा छे

पार्श्व मीठा छे, प्रभु पार्श्व मीठा छे ...
वामादेवी ना कुखे जन्म्या नाना राजकुमार
अश्वसेनराया ना हैये आनंद नो नही पार
काशीदेशे वाराणसी मां लोक गाये गीत-गान

मारी आंखोमां शंखेश्वर आवजो रे

मारी आंखोमां शंखेश्वर आवजो रे हूं तो पांपणना पुष्प
वधातुं मारा हैयाना हार बनी आवजो ...
तमे वामादेवीना जाया, त्रण लोकमां आप छवाया मारा
मनना मंदिरमां पधारजो ...

शंखेश्वर का नाथ है

शंखेश्वर का नाथ है हमारा तुम्हारा
पार्श्व प्रभु के दर्शन पावे जीवन हो सुखकारी
शंखेश्वर का नाथ ...
कैसी सुन्दर काया भक्तो के मन भाये

दर्शन दे देना हो पारस

दर्शन दे देना, 
आंखे बन्द करू या खोलू
पारस दर्शन दे देना ॥ 
मैं नाचित हूं बन्दा तेरा, 

जय पार्श्व  हरे

जय पार्श्व  हरे 
जय पार्श्व हरे, जय पार्श्व  हरे  दुखियों दुख के दूर करे 
जय जय जय पार्श्व हरे। 
जब चारों तरफ अंधियारा हो, आशा का दूर किनारा हो

सुन्दर मंदिर पार्श्वानों

सुन्दर मंदिर पार्श्वन म्हाने व्हालो लागे रे, 
व्हालो लागे,व्हालो लागे व्हालो लागेरे... 
मूल गंभारे पार्श्वनो रे, सुंदर मूरत श्याम 
ऊपर चोर्मुखजीविराजे, प्रति वर्ष को ठाठरे

जिन पार्श्वनाथ के सुमिरन से

जिन पार्श्वनाथ के सुमिरन से मिटता भव भव फेरा  
है वंदन उनको मेरा 
जहां धर्म ध्यान और विश्व शांति का निश दिन रहता डेरा  
है वंदन उनको मेरा 

मोरा पार्श्व प्रभु नल प्यार

मोरा पार्श्व प्रभु नल प्यार हो गया, 
भइयों सच्ची मुच्ची, हो भइयों सच्ची मुच्ची 
मोरा पार्श्व प्रभु 
अहो वामा देवी का प्यारा हो प्यारा 

जो पारस को याद करे...

जो पारस को याद करें, वो लोग निराले होते हैं. 
जो पारस का नाम पुकारे वो किस्मत बाले होते है 
चलो बुलावा आया है पारस ने बुलाया हैं २ 
ओ  पार्श्व प्रभुवर के चरणों में भक्ति करने आया है 

पार्श्व प्रभू से अरज्

हे केशरिया पार्श्वप्रभु एक अरज सुनले ना  
मुझमें जितने अवगुण है 2 बल्दी दूर कर देना 
जगभग 2 ज्योति बरसे झलके अमीरस धारा है 
रुप अनोपम नीरखी बिक से अंतरभाव हमारा है