नेमी प्रीतम प्यारा, वाहला मारा नेमिनाथ,
तुज संग प्रीतडी एवी लागी मने, नव भव केरी प्रितलडी ..
हवे हाथ जाली, भव पार उतार, भव पार उतारो मने,
मारा नेमिनाथ,प्यारा नेमिनाथ, भव पार उतारो मने..
Library > गिरनार स्तवन
23 January, 2024
23 January, 2024
जहाँ नेमी के चरण पड़े, गिरनार वो धरती है
वो प्रेम मूर्ती राजूल, उस पथ पर चलती है
उस कोमल काया पर, हल्दी का रंग चदा
मेहंदी भी रुचीर रची, गले मंगल सुत्र पड़ा
23 January, 2024
संसार थी विरती रथ नो,
गिरनार थी मुक्ति पथ नो..(२)
सथवार छे एक मारो,
आधार छे एक बस...
04 December, 2023
गिरनार पर प्रभु नेम ना, अभिषेकनो पावन समय
प्रभु नेमिनाथ जिनालये, वातावरण शुभ भावमय
ते परम पावन द्रष्य मारा, नेत्र ने निर्मल करो
नेमिनाथनी अभिषेक धारा, विश्वनु मंगल करे… (1)
01 November, 2023
तुं मने गिरिराज सिद्धि ताज आपी दें
सिद्धाचल थी सिद्धशिला नुं राज आपी दे
तुं मने गिरिराज सिद्धि ताज आपी दें
सिद्धाचल थी सिद्धशिला नुं राज आपी दे…
30 October, 2023
नेमि नेमि नेम… नेमि नेमि नेम…
जय गिरनारी… जय गिरनारी…
नेमि नेमि नेम… नेमि नेमि नेम…
नेम नेम नेम नेम नेम… हो नेम… हो नेम…
30 October, 2023
साथ गिरनारनो हाथ नेमनाथनो,
होय जो मस्तके तो शो तोटो,
अन्य स्थाने रही ध्यावे रैवतगिरी,
चोथे भवे पामतो मोक्ष मोटो
30 October, 2023
राजीमती तमने मनावा नाथ वलवलती हती
तो ये तमे संयमतणा संकल्प थी डग्या नथी
हे सत्वमूर्ति सत्व ए आसत्वहीन ने आपजो
हे नेमिजिन मारा हृदयमां शौर्यरस जन्मावजो… (१)
30 October, 2023
गिरनारे शोभे देखो नेमजी शामलीया
मुखडुं जोवा ने टमटम, चमके छे तारलीया,
जोवा चमके छे तारलीया, बेठा मलके छे शामलीया,
राजीमती ना, मन वसीया..
30 October, 2023
संसार थी विरती रथ नो,
गिरनार थी मुक्ति पथ नो…
सथवार छे एक मारो,
आधार छे एक बस…








