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Library > गिरनार स्तवन
गिरनारे चली गयो

रोए चे चाचू कहनारा
तर्स्या तारा प्रेम वहलना
राग साघडू जोई
गिरनारे चली गयो

नेम राजुल ने मोक्ष मड़यो

एतो राजुल नाथ, एतो जगनो रे नाथ
राजुल राणी ना केवा साचा भरतार,
एतो राजुल नाथ, एतो जगनो रे नाथ
एतो सौना रे दिलडा नो साचो नेमनाथ,

नेम चरण

गिरनार नागर, नेम प्रभुवर, तरसे मारो मन
आओ तारी याद सतावें नेम प्रभुवर
बरसे नैना, तरसे नैना कब दोगे दर्शन
जूनागढ़ नी धरती कहती मिल जाओ भगवन

गिरनारी तू नेमि (गिरनारी तू वीतरागी तू)

गिरनारी तू, वीतरागी तू,
मुझ मुख तनु छे स्मित तू,
गिरनारी तू, वीतरागी तू,
उपकारी तू नेमि, छे मारी प्रीत तू ... (2)

नेम मारी आंखो मा छे

नेम मारी आंखोमां छे,
नेम मारा हैयामां छे,
नेम मारी यादोमां छे,
नेम मारा सपनामां छे,

श्री नमिनाथ आरती

श्री नमिनाथ जिनेश्वर प्रभु की, आरति है सुखकारी।
भव दुःख हरती, सब सुख भरती, सदा सौख्य करतारी।।
प्रभू की जय ............. ।। टेक।।
मथिला नगरी धन्य हो गई, तुम सम सूर्य को पाके,

मन मोही लीधुं गिरनारे

यादो मा ने स्वप्नो मा बस तुं छे दिन रात,
ज्यारे थी भेट्यो तुजे बस एक तारी वात,
तुं दोष संताप टाळे, तुं भवसागर थी उगारे,
तुं कर्म कोडो ना बळे, तुं पापी ने पण तारे,

गिरनारे श्री प्रभु नेम छे

अग्यार हजार बसो कीलो सुव्णथी करी रक्षा
ए पेथडशानी तीर्थरक्षा एनी केवी अजबनी कक्षा
शक्ति फोरवी तीर्थभक्तिनी आपी सुंदर शिक्षा
होय संयमना मनोरथ तो नेमि आपे दीक्षा ...

राजुल ने नेम मली जाशे

के आज संयम नु पानेतर पेहरी ने जो (२ बार)
राजुल ने नेम मली जाशे तू जो
राजुल ने नेम मली जाशे
प्रीत ने नवी रीत मली जाशे तू जो (२ बार)

नमामि नेमि

परम पवित्र पावन प्रीतम पुरूषोत्तम रे प्यारा, निष्काम
निरागस नाथ निरंजन निर्विकारी न्यारा, बावीसमां
सितारा, ने द्वारिका दुलारा, गिरनार ना गभारा मां
शोभनारा जे ... ब्रम्ह चरनारा, सत्व धरनारा