पारणियाने काज पधारो ... ओ देवाधिदेवा ...
पारणियाने काज पधारो ... ओ देवाधिदेवा ...
विनवे झूरे झंखे लोको ... प्रभु! स्वीकारो सेवा ...
पारणियाने ...
Library > प्रभु भक्ति
05 October, 2026
05 October, 2026
अनादी से दुनिया मे तप ही महान था
आज भी है और कल भी रहेगा॥धृ॥।
तप ऐसी शक्ती है
प्रभू झोली से बिखर जाती है
05 October, 2026
बापलडा रे पातिकडा तमे, शुं करशो हवे रहीने रे;
श्री सिध्धाचल नयणे निरख्यो, दूर जाओ तमे वहीने रे ... १
काल अनादि लगे तुम साथे, प्रीत करी निरवहीने रे;
आज थकी प्रभु चरणे रहेवुं ऐम शीखवीयुं मनने रे ... २
05 October, 2026
जब से थामा है तूने मेरे हाथ को,
में भूल गया सारी क़ायनात को ... (२)
के तेरे बिना कोई भी नहीं मेरा ... (२)
अब तेरे बिना कोई भी नहीं मेरा ...
05 October, 2026
हे उपकारी कृपा वरसावो,
सिद्धशिला ए मने तेड़ावो (2)
राह जोउ ... राह जोउ ...
प्रभु आवशे ने लई जाशे ... (4)
01 October, 2026
जगचिंतामणि जगगुरु, जगत शरण आधार;
अढार कोडाकोडी सागरे, धरम चलावणहार ...
अषाढ वदि चोथें प्रभु, स्वर्ग थी लीये अवतार;
चैतर वदि आठम दिने, जनम्या जगदाधार रे ...
01 October, 2026
धन्य धन्य अंगार (२)
जिनशासन श्रुंगार,
धन्य धन्य अंगार
शौर्य धैर्य गंभीर वीरनों,
01 October, 2026
हो ... आया रे ...
पर्व आया पर्युषण,
के जैनियों का पर्व सुहाना,
महिमा बड़ी है महान,
30 September, 2026
वीर वचनों पर विश्वास करि,
आ विषयों ने हु ठुकरावु छु ...
बेरंगी आ संसार त्यागीने,
राजपथ ना रंगे रंगावु छु।

