हे उपकारी कृपा वरसावो,
सिद्धशिला ए मने तेड़ावो (2)
राह जोउ ... राह जोउ ...
प्रभु आवशे ने लई जाशे ... (4)

जन्मो नी प्रीती मारी आँखो बोले,
आँशुओ ना सागर छलके ...
युग युग ना स्वामी तमे हैयु बोले,
प्रीत मा मारू मनडु डोले ..
हैयु मारू हवे नही वश मा ...
ओ भगवंत मने पास बोलावो,
सिद्धशिला ए मने तेडावो,
राह जोउ ... राह जोउ ..
प्रभु आवशे ने लई जाशे ... (4)

तारो मारग लागे मनेप्यारो प्यारो,
आपो मने वेश तमारो ...
पाप नथी रे करवा मारे आ जीवन मा,
संयम केरा भाव प्रगटावो ...
मारग साचो आ जग मा,
मलजो मने आ भव मा,
ओ वीतरागी राग तोडवो,
वैरागी ना भाव प्रगटावो ...
राह जोउ हु, राह जोउ ...
प्रभु आवशे ने लई जाशे ... (5)


Source: Harshit Shah