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Library > महावीर स्वामी स्तवन
अपने जैन धरम की सबसे अनमोल ये घड़ी

पने जैन धरम की सबसे अनमोल ये घड़ी,
जन्म कल्याणक हैं आया, छाई खुशियां बड़ी..
त्रिशलानंदन राजदुलारा झुले फूलों की लड़ी,
आओ मिलकर हम मनाएं आज मंगल ये घड़ी..

आज मारे दीवाली
आज मारे दीवाली

गावो गीत वधावो गुरू ने
मोतीडे चोक पुरावो…
चार-चार आंगण चतुर शु आव्या (२)
गावो गीत रसाली रे…

जय जय त्रिशलानंदन
जय जय त्रिशलानंदन

सिद्धारथनां राजकुंवरनुं अमे लीधुं आलंबन…
जय जय त्रिशलानंदन…
गुलाबजळथी स्नान करावुं, चंदन लेप लगावुं…
शीतळ शीतळ शाता देवा, कोमळ फूल बिछावुं

 

वीर प्रभु का निर्वाण
वीर प्रभु का निर्वाण

जग ना नाथ बन्या ते पहेला
मारा स्वामी नाथ थया
मुझ ने एकलवाई छोडी
तमे मोक्ष मा केम गया…

प्रभु श्री वीर छे
प्रभु श्री वीर छे

प्रभु श्री वीर छे,
महाबल धीर छे
करम ने जीतता ये,
खरा महावीर छे
प्रभु श्री वीर छे…

आवो रे आवो महावीर
आवो रे आवो महावीर

आवो रे आवो महावीर नाम लइये,(२ वार)
वीर नाम लइ भव पार तरी जाइये,(२ वार)
आवो रे आवो…
भाग्यवान आपणे के जैन धर्म पामिया,(२ वार)

झूले महावीरजी
झूले महावीरजी

झूले महावीरजी खेले महावीरजी
झीणी झीणी घूघरीओ गावे
रुड़ां पारणिये रमे देवदेवीओने गमे
मोंघा महेलोमां बाळपण वीतावे

 

वीर प्रभुजी पधारो
वीर प्रभुजी पधारो

वीर प्रभुजी पधारो राज, वीर प्रभुजी पधारो,
विनंती मुज अवधरो राज, वीर प्रभु – ए आंकणी…
चंदनबाळा अति सुकुमाळा, बोले ववण रसाळा,
हाथने पगमां जडी दिया ताळा सांभळा दिनदयाळा.

महावीरनुं शासन गाजे

मारा वीरनुं शासन गाजे,
महावीरनुं शासन गाजे
मारा वीरनुं शासन गाजे,
महावीरनुं शासन गाजे…

महावीर प्रभु के निर्वाण की आरती

जय जय जिनराया, स्वामी जय जय जिनराया । 
आरति करूं मन भाया, होय कंचन काया ॥ जय जय ॥
जय जगदीश्वर, अति अलवेशर, वीर प्रभुराया 
पतितउधारण, भव भय भंजन, बोध बीज दाया ॥ जय 1॥