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Library > महावीर स्वामी स्तवन
वर्तमान को वर्धमान (हिंसा पीडित विश्व)

हर आत्मा दुखी है, सुख शांति खो चुकी है,
परदृष्टि होके व्याकुल, महावीर पे रुकी हैं,
महावीर .... महावीर .... महावीर ..... महावीर ..
हिंसा पीडित विश्व राह महावीर की तकता है,

बजे कुण्डलपर में बधाई

बजे कुण्डलपर में बधाई, (2)
के नगरी में वीर जन्मे (2), महावीर जी
जागे भाग हैं त्रिशला माँ के, (2)
के त्रिभवन के नाथ जन्मे (2), महावीर जी


हे त्रिशलाना झाया

हे त्रिशलाना झाया मांगु तारी माया,
घेरी वळ्या छे मुजने मारा(२),
पापोना पडछाया
हे त्रिशलाना झाया ...


महावीर स्वामी २७ भव स्तवन
श्री शुभविजय सुगुरु नमी, नमी पद्मावती माय,
भव सत्तावीश वर्णवू, सुणतां समकित थाय ... ।।१।।
समकित पामे जीवने, भव गणतीय गणाय,
जो वली संसारे भमे, तो पण मुगते जाय ... ।।२।।

त्रिशला झुलाए वीरा (लोरी)

त्रिशला झुलाए वीरा,
त्रिशला झुलाए वीरा,
मीठी मीठी लोरीयो से,
अंखियों में निंदिया आए,

त्रिशला माता नी सज्जाय

धनद तणे आदेशथी रे, मन मोहना रे लाल,
तिर्यग्जृभक देव रे, जग सोतना रे लाल,
राय सिद्धार्थ ने घर रे, म ... वृष्टि करे नित्यमेव रे।
कनक रयण मुणि रोप्पनी रे, म ... धन कण भूषण पान रे,

शाशन राग

वीर से है प्यार तो, हर पल ये कहेना चाहिए,
मैं रहु या ना रहु, शासन की एकता चाहिए ..
सिलसिला ये बाद मेरे, यूँ ही चलना चाहिए,
मैं रहु या ना रहु, शासन की एकता चाहिए ..

महावीर चरणों में वंदन (ऐसी है लागी लगन)

धड़कन इक तेरा नाम जपे वीरा,
तू तो मन मंदिर में मूरत करके बैठ गया,
तेरे दर के सिवा कही और न जाऊं,
सब कुछ तुझ पे ही वार दिया वीरा

तमे सुखदाता छो

तमे सुखदाता छो, पिता छो माता छो,
गुरु सखा भ्राता छो,
हे वीर! महावीर ! हे वीर ! महावीर ...
मानव देह मळ्यो अति उत्तम,

त्रिशला नन्दनम, प्रभु परमेश्वरम

त्रिशला नन्दनम, प्रभु परमेश्वरम,
स्वीकारो प्रभु मेरा आमंत्रणम।
कौन कहता है भगवान आते नहीं,
चंदना की तरह हम बुलाते नहीं॥