Wednesday, 7 October, 2026
मन् मोहना, गिरि सोहना,
शिवानंद प्रभु शामला (2)
बविस्व ... तू जिनवर,
शिवानंद प्रभु शामला
मन् मोहना, गिरि सोहना,
शिवानंद प्रभु शामला (2)
शंख लांछन को धारी,
प्रभु बन गए गिरनारी (2)
हे उपकारी, जग हितकारी,
शिवानंद प्रभु शामला
मन् मोहना ...
प्रभु ज्ञान का तू भंडार,
तेरी महिमा अपारंपार (2)
हे तरणहार, मोक्ष दातार,
शिवानंद प्रभु शामला
मन् मोहना ...
तूने जीवन को तारा,
हम भक्तों का सहारा (2)
हे ईश्वर, नेमिश्वर,
शिवानंद प्रभु शामला
मन् मोहना ...
Source: Pakshal Kothari


