Wednesday, 30 September, 2026
बाजे शहनाई ने साज, प्रभु रो जन्म हुओ
गाजे धरती आसमान, प्रभु रो जन्म हुओ
तन ने रंगाले आज मन ने रंगाले सब खुशियाँ मनाओ आज
प्रभु रो जन्म हुओ
बाजे शहनाई ने साज प्रभु रो जन्म हुओ।।
ढोल मंजीरा बाजे चंगरे आज उठी मोरे मन में तरंग रे।
झूम झूम सब नाचो गाओ जन्मोत्सव की खुशियां मनाओ।।
क्षत्रियकुंड में आज, गूंजे प्रभु री जय जय कार।
प्रभु रो जन्म हुओ।।
त्रिशला रानी रो राज दुलारों
सिद्धार्थ रे नैनो रो तारों
जन्मयो जग नो तारणहारों
ओ तो जग नो पालनहारो
वीरा रे।
छप्पन दिग्गकुमारी हैं आवे प्रभुनो सूती कर्म करावे
देव देवी मिल सघला आवे
प्रभु ने मेरू गिरी ले जावे
वीरा रे।।
ओ तीन भुवन सिरताज प्रभु रो जन्म हुओ।।
Source: Sweta Gandhi


