नाकोड़ा भैरु दादा, प्यारा तेरा नाम है
दर ये तुम्हारा, हारो का सहारा, हम सब की मुस्कान है
नाकोड़ा भैरु दादा, भक्तो की तू जान है
हे डमरु वाले, हे मुछों वाले, तेरी गजब शान है

१ काजल लगे ये आखें तुम्हारे, फूलो से कोमल तेरे गाल है
सूरज के जैसी मुखपे है लाली
दादा तू सच मे बेमिशाल है
भोले भाले हो, दादा निराले हो
हम जैसो के आधार तुम ही हो
परचा धारी हो, देव उपकारी हो
पतझड़ मे मानो बहार तुम ही हो

जन्नत भी फिका लगे, ऐसा तेरा धाम है
हे डमरु वाले, हे मुछों वाले, तेरी गजब शान है

२ सारे जहां में कोई करे ना, इतना दादा तेरा उपकार है
ऊंचा न निचा कोई जहां पे, ऐसा नाकोड़ा जी दरबार है
दर पे मैं आऊंगा, ज्योत जगाऊंगा
भक्ती कराउंगा सूनो ओ भैरु जी
भक्तो को लाउंगा, भोग लगाऊंगा
दिल में है ये मेरे, अरमान भैरु जी ...

जल्दी हो तुमसे मिलन, दादा मेरा ख्वाब है
हे डमरु वाले, हे मुछों वाले, तेरी गजब शान

Source: Dhairya Rathod