मारा आलीजा भरथार,
मारा हैया केरा हार
मोरी प्रितलडीने मत्त छटकाईजो,
हो जम्बुजी हिलमिल संग चलाई जो .....

मोरी गुणवंती नार,
ओपे लेशु संयमभार,
थोने मुक्तिरा मेलामें
लइ चालु
ओ सजनी हिलमिल ...

मने परणी लाव्या लार,
अब छोडो निरधार,
मोरे हळवे थोरो वचन निभाईजो,
हो जम्बुजी हिलमिल ...

चालो चालो मोरे लार
मे भी लेजावा तैयार,
थोने एकलडी न छोडु,
वचन पालु रे
ओ सजनी, हिलमिल ...

नाजुक जवानी है थोडी
बाली उम्मररीया है मोरी,
थोडी जवानी ढळवाई ने
संयम लेशु
हो जम्बुजी हिलमिल ...

प्यारी जवानी दीवानी,
नही पुर का ज्यू पानी,
ढलता होय घडी जे जन लागे रे
ओ सजनी हिलमिल ...

नाही बालुडा खेलाया,
नाही दुध भी पिलाया,
नही सावनीया ज़ुलोमे ज़ुलाया
हो जम्बुजी हिलमिल ...

प्यारी मोहजाळ ये भी,
सपना रा ख्याल देखी,
थोने मुक्तिरा जूलामे ज़ुलावू रे
ओ सजनी हिलमिल ...

थोने कोणेजी भरमाया,
सच्चा प्रेमही तोडाया,
मोरी बादलिया नैनोमे आंसु बरसे
ओ जम्बुजी हिलमिल ...

बोले ओहे की कामनीया,
सुनो साजन ताजनीया,
प्रिती जोडो बादलीया कायाकल्पे,
हो जम्बुजी हिलमिल.,.

बोले जम्बुजी कुमार,
मोरी चन्द्रावती नार,
नारी जोबनरी काया मे
केरज करशुं
ओ सजनी हिलमिल ...

मोरी जम्बुजीरी सीख,
ओहो भले दिधी सीख,
मे भी संयम लेवाने साथे हालु
ओ जम्बुजी हिलमिल ...

एवी वीरविजयनी वाणी,
थे तो सांभणजो नरनारी,
संयम लेशो तो पार उतरशो,
ओ सजनी हिलमिल ...

Source: Sarvangi Savani

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