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Library > प्रभु भक्ति
शांतिनाथ को कीजे जाप
शांतिनाथ को कीजे जाप

શાંતિનાથનો કીજે જાપ, ક્રોડ ભવોનાં કાપે પાપ
શાંતિનાથજી મ્હોટા દેવ, સુરનર સારે જેહની સેવ...૧
દુઃખ દારિદ્ર જાવે દૂર, સુખ સંપત્તિ હોવે ભરપૂર
ઠગ ફાંસીગર જાવે ભાગ, બળતી હોવે શીતળ આગ...૨

तू मने भगवान
तू मने भगवान

तू मने भगवान एक वरदान आपी दे,
ज्या वसे छे तु मने त्या स्थान आपी दे...(2)
हु जिवु छु ऐ जगतमा ज्या नथी जीवन,
जिंदगी नु नाम छे बस बोझ ने बंधन,

दुनिया से मैं हारा
दुनिया से मैं हारा

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार।
सुख में प्रभुवर तेरी याद ना आयी,
दुःख में प्रभुवर तुमसे प्रीत लगाई।

मेरी भावना

जिसने राग द्वेष कामादिक जीते सब जग जान लिया
सब जीवोको मोक्षमार्ग का निस्पृह हो उपदेश दिया
बुध्ध, वीर, जिन, हरि, हर, ब्रम्हा, या उसको स्वाधीन कहो
भक्ति-भाव से प्रेरित हो यह चित्त उसी में लीन रहो ||1||