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Library > प्रभु भक्ति
लगनी लागी छे

लगनी लागी छे, के अगनी जागी छे, तारा मिलननी प्रभु!
पळे पळ झंख्या करूं तने, के लगनी लागे छे ....
घेलु लाग्युं मुजने, हुं क्यारे तुजने भेटुं! तारा पावन खोळे,
मीठी नींदरमा लेटुं! शमणामां, रोज हुं,

ऐ आत्मोद्धरे चाली गया

ऐ आत्मोद्धरे चाली गया,
जोडी रह्या ऐ गुरुकुलवास,
ऐ संसार आखो छोडी रह्या,
प्रिय मात-तात संतान छोडी ..

दर्शन देजो नाथ

दर्शन देजो नाथ ..
दर्शन देजो नाथ
भक्तो तारा तने पोकारे ..
दर्शन देजो नाथ

केवा शोभे मारा जिनराया जिनराया

तारणहारा छो अमारा, सर्वज्ञता ने धारनारा,
मारा मनडा ने मोहनारानाथजी,
तारा नामे आखा जगने हुं जीती जऊ॥
मूरत छो उज्जवलता नी, दिव्यता ने निर्मलता नी,

जेनी मूर्ति नानी छे

जेनी मूर्ति नानी छे पण मंगलकारी छे ... (२ वार)
काळी कामणगारी जग मां जयजयकारी छे,
पळभर मां सौ भक्तोना मनडां हरनारी छे .. जेनी मूर्ति ...
जेनी आंखो नानी नानी, हा नानी ..

सिद्धाचलना शिखरोने वंदन

कांकेर कांकरे थया सिद्ध अनंत, जाणी लो, जाणी लो।
भवि आतमने ज, मले छे आ तक माणी लो, माणी लो।।
तीर्थोमां जेने कीधु महातीर्थ छे, शत्रुंजय ए महा तीर्थ नुं नाम छे।
कांकेर कांकरे थया सिद्ध अनंत, जाणी लो, जाणी लो।

सिध्धाचल शिखरे दीवो रे

सिध्धाचल शिखरे दीवो रे, आदेश्वर अलबेलो रे
जाणे दर्शन अमृत पीवोरे, आदेश्वर अलबेलो रे
अलबेलो अलबेलो अलबेलो रे, आदेश्वर अलबेलो रे
शिव सोमयशा नी लारे रे .. आदेश्वर ..

मारो मुजरो ल्योने

मारो मुजरो ल्योने राज, साहिब शांति सलुणां
अचिराजीना नंदन तोरे, दरिसण हेते आव्यो;
समकित रीझ करो ने स्वामी, भक्ति भेटणं लाव्यो. (१)
मारो मुजरो ल्योने राज ...

मेरे सर पर रख दो

मेरे सर पर रख दो दादा, अपने ये दोनों हाथ,
देना हो तो दीजिये, जनम-जनम का साथ॥
मेरे सर पर रख दो दादा, अपने ये दोनों हाथ,
देना हो तो दीजिये, जनम-जनम का साथ॥

हुं बाळ तमारो छु

हे जिनेश्वर ... हे परमेश्वर ... हे व्हालेश्वर ...
हे दिनबंधु ... हे जीवबंधु ... हे जगबंधु ...
तारणहारा ... पालनहारा ... रक्षणहारा मारा ...
प्रीतम प्यारा ... व्हालम व्हाला ... मोहनगारा मारा ...