लागी रे लागी रे लागी -3
लागी रे लागी रे लागी-3

लागी लगनवा छोड़ी न छुटे,
ऋषभ जिनन्द दयाल हो मोरी लागी लगनवा
विमल अचल मंडण दुः ख खंडण
मंडण धर्म विशाल हो मोहे लागी लगनवा
ऋषभ जिनन्द ...

लागी रे लागी रे लागी-3
लागी रे लागी रे लागी-3
तारजे डुबाडजे, बचावजे सम्भाळजे
स्विकारजे संवारजे, भवपार तू उतारजे
सगळू तने सौपी दिधु आदिश्वर भगवान रे-2
सगळू तारु राखजे, एक बात मारी मानजे
सिद्धाचल थी सिद्धशिला नो मार्ग मुजने बताडजे
मोक्ष थाय त्या सुधी प्रभु तारा शरणे राखजे
सगळू तने सौपी दिधु आदिश्वर भगवान रे

सिद्धगिरिने भेटवा नो भाव जाग्यो रे
गिरिवरनी भक्ति मा मारू मनडो लाग्यो रे
भवसागर ने तरवा माटे गिरिवर नैय्या छे
उज्जवल गिरिने भेटता बस हर्षित हैय्या छे
शत्रुंजय गिरीराज ने मैं आराधो रे
गिरीवरनी .....

एक मनोरथ एवो छे, मोक्षे मारे जावू छे
भवथी पार उतरवु छे, सिद्धशिलाए भडवू छे
मारा हृदय नो एकज नाद,
जय आदिनाथ जय जय गिरिराज-2
शत्रुंजय थी मोक्ष मझार, भवथी पार करो किरतार
जय जय जय श्री आदिनाथ-4

गिरिराज प्यारो लागे मने-2
शत्रुंजय की पावन मिट्टी सिर पर हम लगाएंगे
ऋषभ के परमाणुओं से जीवन धन्य बनाएंगे
गिरिराज प्यारो लागे मने-2

दादा आदिनाथ बुलावे-2
सात जात्रा करने आये हम, सात जात्रा करके जाएंगे
ए काम बढ़ता ही जावे चले चलो चले चलो,
मोह गिरिराज बहकावे चले चलो
मोह हमसे जीत ना पाए चले चलो चले चलो,
मिट जावे जो टकरावे चले चलो,
दादा आदिनाथ बुलावे चले चलो चले चलो

आज आनंद अंग अंग जाग्यो जाग्यो-2
आज आंगन गुलाल रंग लाग्यो लाग्यो-2
आज आनंद .....
शत्रुंजय सोहे, प्रभु मन मोहे
सिद्धाचल सोहे, ऋषभ मन मोहे
भय भव भवनी यात्रा नो भाग्यो भाग्यो-2
मारा ऋषभ थी मोक्ष मैं तो मांग्यो मांग्यो-2
आज आनंद ....

Source: Piyush Shah | Jatin Bid 
| Prashant Shah | Ketan Dedhiya
| Paras Gada | Devansh Doshi |
Jainam Variya