करूँ आरती बाड़ा के श्री पद्मप्रभु के चरणों की।दुख विनाशाये सुख उपजावे बेड़ी काटे कर्मों की।।नींव खोदत प्रकट भये प्रभु इस बाड़ा की भूमी से।चमत्कार दिखलाया ऐसा संकट हरता रोगी से।
जय चंद्रप्रभु देवा, स्वामी जय चंद्रप्रभुदेवा।तुम हो विघ्न विनाशक स्वामी, तुम हो विघ्न विनाशक स्वामीपार करो देवा, स्वामी पार करो देवा।।जय चंद्रप्रभु देवा ...